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अनीता देवी: पुलिस कॉन्स्टेबल बनने से लेकर मेडल जीतने तक का सफ़र
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कभी-कभी एक मामूली दिखने वाला लक्ष्य किसी व्यक्ति की छिपी हुई प्रतिभा को प्रोत्साहित कर सकता है।

हरियाणा की महिला पुलिसकर्मी और निशानेबाज़ अनीता देवी की कहानी कुछ ऐसी है जो पिस्टल शूटिंग की नेशनल चैंपियन बनीं।

अनीता देवी ने 2008 में हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल बनीं। प्रमोशन हासिल करने के उद्देश्य से उन्होंने निशानेबाज़ी पर अपना ध्यान केंद्रित किया। उनके पति धर्मबीर गुलिया ने इसमें उनका पूरा साथ दिया। हालांकि उस वक्त उन्हें अंदाज़ा नहीं था कि एक दिन वह इस खेल की नेशनल चैंपियन बनेंगी।

अनीता देवी बेहतरीन निशानेबाज़ के तौर पर उभरीं और 2011 से 2019 के बीच हर साल उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर मेडल हासिल किया।

हालांकि इंटरनेशनल स्तर पर शूटिंग नहीं करने की कसक उनमें है। उन्होंने बताया कि अपने करियर के बेहतरीन दौर में जानकारी और गाइडेंस के अभाव में वह इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन (आईएसएसएफ) की संबद्धता हासिल नहीं कर सकीं थीं। एक समय अनीता भारत की नंबर तीन निशानेबाज़ थीं लेकिन वह इंटरनेशनल टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सकीं।






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